Fatehpur Sikri Fort History (AGRA)|फतेहपुर सीकरी का इतिहास - Good Morning Love
Fatehpur Sikri Fort में अकबर के समय के अनेक भवनों, प्रासादों तथा राजसभा के भव्य अवशेष आज भी बाकि बचे हुए है
Fatehpur Sikri Fort, Fatehpur Sikri Fort, Fatehpur Sikri Fort History Fatehpur Sikri AGRA, place to visit in agr
15867
post-template-default,single,single-post,postid-15867,single-format-standard,ajax_fade,page_not_loaded,,qode-title-hidden,qode-content-sidebar-responsive,qode-child-theme-ver-1.0.0,qode-theme-ver-13.0,qode-theme-bridge,wpb-js-composer js-comp-ver-5.4.4,vc_responsive
fatehpur sikri beautifu image

Fatehpur Sikri Fort History (AGRA)|फतेहपुर सीकरी का इतिहास

Choose Language

Read In English


FATEHPUR SIKRI HISTORY IN HINDI

Fatehpur sikari Fort भारत के उत्तरप्रदेश में स्थित एक शहर है जो अपने साथ बहुत सी ऐतिहासिक संपदा लिए हुए है और 1569 के इसे अकबर के द्वारा बसाया गया था और यह 1571 to 1585 के काल तक मुग़ल सम्राज्य की राजधानी रही है | अकबर में कहा जाता है कि वह कलाप्रेमी था और एक सफल राजा भी जिसके प्रमाण उसके द्वारा बनाई गयी इमारतों से मिलते है तो चलिए जानते है fatehpur sikri Fort history के बारे में कुछ और बातें और facts जो हमारी जानकारी को बढ़ाएंगे –

फतेहपुर सीकरी के बारे में एक खास बात ये है कि अकबर के चूँकि पहले कोई संतान नहीं थी जिसकी वजह से उसने सूफी संत शेख सलीम चिश्‍ती से प्रार्थना की और इसके बाद पुत्र होने के बाद अकबर ने खुश होने के बाद यंहा अपनी राजधानी बनाने की सोची और एक अपनी निगरानी में fatehpur sikri Fort का निर्माण करवाया लेकिन यंहा पानी की बेहद किल्लत थी जिसकी वजह से महज 15 साल के बाद उसे अपनी राजधानी को पुन: आगरा ले जाना पड़ा |  fatehpur sikri Fort पूरी तरह से एक planned walled city थी जिसमे शाही भवन , कोर्ट्स और मस्जिद से लेकर हरेक वो चीज थी जो एक राजधानी होने के लिए लिहाज से एक शहर में होनी चाहिए | यंहा एक मस्जिद भी है जिसके बारे में कहा जाता है कि यह मक्का की मस्जिद की नक़ल है और इसे बनाने के लिए डिजाईन हिन्दू और पारसी वास्तुकला से लिए गये है |

अगर इसमें स्थित खास जगहों की बात करें तो Fatehpur Sikri Fort में आंख मिचौली, दीवान-ए-खास, बुलंद दरवाजा, पांच महल, ख्‍वाबगाह, अनूप तालाब फतेहपुर सीकरी के प्रमुख स्‍मारक हैं। इसे शुरू में फतेहाबाद नाम दिया गया था जिसका मतलब होता है “ विजय “ लेकिन बाद में इसे fatehpur sikri Fort कहा जाने लगा | यही वो जगह है जन्हा अकबर से जुडी हुई कहानियों और अकबर के नवरत्नों की शुरुआत हुई | समकालीन इतिहासकारों के अनुसार, अकबर ने फतेहपुर सीकरी के निर्माण में बहुत दिलचस्पी ली और शायद इसकी स्थापत्य शैली भी तय की। लाल बलुआ पत्थर के उपयोग की अधिकता के बारे में बात करें तो एक चीज जो समझ आती है वो ये है कि फतेहपुर सीकरी के पड़ोसी क्षेत्रों में बलुआ पत्थर की आसान उपलब्धता का भी मतलब था कि यहां सभी भवन लाल पत्थर से बने थे।


Fatehpur sikri Fort में अकबर के समय के अनेक भवनों, प्रासादों तथा राजसभा के भव्य अवशेष आज भी बाकि बचे हुए है और यंहा की सबसे ऊंची ईमारत की बात करें तो वो बुलंद दरवाज़ा है, जिसकी ऊंचाई भूमि से 280 फुट है। अंदर जाने के लिए यंहा व्यक्ति को 52 सीढियां पार करनी पडती है जिसके बाद वह दरवाजे के अन्दर पहुँचता है और दरवाजे में लगे पुराने किवाड़ आज भी ज्यों के त्यों लगे हुए है जैसे कि इसे कुछ सालों पहले ही बनाया गया हो | बुलंद दरवाजे को, 1602 ई. में अकबर ने अपनी गुजरात-विजय के स्मारक के रूप में बनवाया था। इसी दरवाजे से होकर शेख की दरगाह में प्रवेश करना होता है। मस्जिद में एक जगह  पर एक अजीब प्रकार का पत्थर लगा है जिसकों थपथपाने से नगाड़े की सी ध्वनि होती है। आज भी यह जगह ऐतहासिक दृष्टि से उतनी ही जीवित मालूम होती है जितनी कि यह अपने समय में हुआ करती थी |

तो ये है fatehpur sikri history in hindi और इस बारे में अधिक जानकारी या सलाह के लिए आप हमे ईमेल कर सकते है और हमसे hindi history updates पाने के लिए आप हमे फेसबुक पर फॉलो कर सकते है या फिर नीचे दिए गये घंटे के निशान पर भी क्लिक कर सकते है |


Fatehpur Sikri Fort History

Fatehpur sikari Fort is a city located in Uttar Pradesh, India, which has a lot of historical wealth with it and was inhabited by Akbar in 1569 and has been the capital of the Mughal Empire from 1571 to 1585. It is said in Akbar that he was a philanthropist and also a successful king whose evidence matches the buildings built by him.

graveyard In fatehpur  Sikri

One special thing about Fatehpur Sikri is that since Akbar did not have any children earlier, due to which he prayed to Sufi Saint Sheikh Salim Chishti and after this, after being a son Akbar was happy to make his capital here. And one built the fatehpur sikri fort under his supervision but there was a lot of water shortage due to which he had to take his capital back to Agra again after just 15 years. fatehpur sikri fort was completely a planned walled city, in which everything from royal buildings, courts and mosques to being a capital must be in a city. There is also a mosque about which it is said that it is a copy of the mosque of Mecca and the design has been taken from Hindu and Parsi architecture to build it.

If you talk about the special places located in it, then the eyes of Mithauli, Diwan-e-Khas, Buland Darwaza, Panch Mahal, Khwabgah, Anup Talab in Fatehpur Sikri Fort are the main monuments of Fatehpur Sikri. It was initially named Fatehabad which means “Vijay” but later it came to be called fatehpur sikri Fort. This is the place where stories related to Janha Akbar and Navratnas of Akbar started. According to contemporary historians, Akbar took great interest in the construction of Fatehpur Sikri and probably also fixed its architectural style. Talking about the excess use of red sandstone, one thing that is understood is that the easy availability of sandstone in the neighboring areas of Fatehpur Sikri also meant that all the buildings here were made of red stone.

fatehpur sikri city antient abandoned agra district uttar pradesh india
Image Source

In Fatehpur sikri Fort, many of the buildings, mansions and grand relics of Akbar’s time still remain and talk of the tallest building here, the elevated door, which is 280 feet above the ground. In order to go inside, a person has to cross 52 steps, after which he reaches inside the door and the old door in the door is still intact like it was built a few years ago. The Buland Darwaza was built by Akbar in 1602 as a memorial to his Gujarat-Vijay. Through this door one has to enter Sheikh’s Dargah. A strange type of stone has been installed at one place in the mosque, which is the sound of a drum from a thump. Even today, this place seems to be as much alive from the historical point of view as it used to be in its time.

So this is fatehpur sikri history in hindi and for more information or advice about this, you can email us and you can follow us on Facebook to get hindi history updates or even on the hour mark below. Can click

No Comments

Sorry, the comment form is closed at this time.